‘मोदी सरनेम’ पर सजा से राहत पर फैसला आज; राहुल गांधी फिर केंद्र पर बरसे, बोले- सेठ किसका?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए आज का दिन काफी अहम है. यह इसलिए क्यों उनके राजनीतिक भविष्य पर सूरत कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है. मोदी सरनेम मामले में उनकी दो साल की सजा बरकरार रहेगी या फिर उन्हें राहत मिलेगी. इस मामले में सेशन कोर्ट के एडिशनल जज आरपी मोगेरा आज अपना फैसला सुना सकते हैं. पिछले हफ्ते फैसला सुरक्षित रख लिया गया था. इस बीच राहुल ने फिर से केंद्र पर निशाना साधा है.

मोदी सरनेम मामले में 23 मार्च को सूरत सेशन कोर्ट ने राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई थी. हालांकि, इसके कुछ देर के बाद उन्हें जमानत मिल गई थी. इसके बाद उनकी संसद सदस्यता चली गई थी. काग्रेस नेता ने तीन अप्रैल को सूरत सेशन कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी. उनके वकील ने दो एप्लिकेशन फाइल किया था. पहला एप्लिकेशन सजा पर रोक लगाने के लिए जबकि दूसरा एप्लिकेशन कन्विक्शन पर स्टे लगाने के लिए था.

केंद्र पर फिर बरसे राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के तेवर ढीले नहीं हुए हैं. उनका केंद्र पर हमला लगातार जारी है. मानहानि केस में आज सूरत सेशन कोर्ट से फैसला आने से पहले राहुल गांधी ने ट्विटर पर वीडियो पोस्ट करते हुए पूछा- सेठ किसका? सेठ साहेब का.

राहत मिलने पर संसद सदस्यता हो सकती है बहाल!
बता दें कि अगर राहुल गांधी को राहत मिल जाएगी तो उनकी संसद सदस्यता बहाल हो सकती है. बता दें कि राहुल ने 11 अप्रैल 2019 को कर्नाटक के कोलार की एक रैली में कहा था ‘मोदी सरनेम वाले सारे चोर ही क्यों होते हैं.’ उनके इस बयान के बाद बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने 13 अप्रैल को राहुल गांधी के खिलाफ आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत मानहानि का मुकदमा दर्ज किया था.

सूरत कोर्ट ने सुनाई थी 2 साल की सजा
चार साल बाद इसी मामले में पिछले महीने सूरत सेशन कोर्ट ने राहुल को दो साल की सजा सुनाई थी. राहुल गांधी 2019 में केरल के वायनाड से सांसद चुने गए थे. सजा के एक दिन बाद राहुल की सांसदी चली गई थी. संसद सदस्यता जाने के बाद राहुल गांधी को 12 तुगलक रोड का सरकारी बंगला खाली करने को कहा गया. 27 मार्च को उन्हें इसके लिए नोटिस भेजा गया और एक महीना का समय दिया गया. इसके मुताबकि, 22 अप्रैल बंगला खाली करने की आखिरी तारीख थी.

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