आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की मुश्किलें बढ़ गई है. आप के नेता के खिलाफ कोर्ट में ट्रायल चलाने के लिए गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति से इजाजत मांगी है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आप नेता सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी की मांग की है. गृह मंत्रालय ने आप नेता के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS), 2023 की धारा 218 के तहत अदालत में मामला चलाने के लिए अभियोजन की मंजूरी देने के लिए राष्ट्रपति से इजाजत मांगी.
दरअसल, नियम के मुताबिक, किसी सरकारी अधिकारी पर धारा 215 के तहत भ्रष्टाचार का आरोप होता है तो अभियोजन के लिए उनके वरिष्ठ अधिकारी की लिखित शिकायत जरूरी होती है. जबकि धारा 218 के तहत, आधिकारिक कर्तव्यों के दौरान किए गए किसी अपराध के लिए अभियोजन से पहले सरकारी अनुमति की जरूरत होती है. इसीलिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अदालत में मामला चलाने के लिए अभियोजन की मंजूरी देने के लिए राष्ट्रपति से अनुरोध किया है.
क्यों मांगी गई इजाजत
आप नेता सत्येंद्र जैन पर ट्रायल चलाने के लिए राष्ट्रपति से इजाजत इसीलिए मांगी गई है क्योंकि धारा 218, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत, न्यायाधीशों, मजिस्ट्रेटों, पब्लिक सर्वेंट और सशस्त्र बलों के सदस्यों को आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए किए गए अपराधों के अभियोजन के लिए सुरक्षा देते हैं. यहप्रावधान सुनिश्चित करते हैं कि सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमे बिना उचित जांच-पड़ताल और सरकारी मंजूरी के न चलाए जाएं. हालांकि, कुछ मामलों में समय सीमा और अपवाद दिए गए हैं ताकि न्याय में देरी न हो.
सत्येंद्र जैन पर क्या मामला था दर्ज
आप नेता सत्येंद्र जैन पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज है. उन पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला अगस्त 2017 के उस केस से जुड़ा है, जिसमें सीबीआई ने आप नेता पर आय से अधिक संपत्ति रखने के लिए FIR दर्ज की थी. इस के बाद दिसंबर 2018 में सीबीआई ने आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसमें कहा गया था कि आप नेता की संपत्ति 1.47 करोड़ रुपये थी, जो 2015-17 के बीच जैन की इनकम सोर्सेंज से लगभग 217 फीसदी ज्यादा थी. इसके बाद वह 18 अक्टूबर को तिहाड़ जेल से बाहर आए थे. सुप्रीम कोर्ट ने 2023 को सत्येंद्र जैन को मेडिकल बेस पर अंतरिम जमानत दी थी और इसे समय-समय पर बढ़ाया भी गया था.
चुनाव में मिली हार
आप नेता सत्येंद्र जैन ने दिल्ली के विधानसभा चुनाव में शकूरबस्ती सीट चुनाव लड़ा था, लेकिन उनको हार का सामना करना पड़ा. इस सीट से उन के खिलाफ बीजेपी करनैल सिंह ने चुनाव लड़ा था. करनैल सिंह ने सत्येंद्र जैन को 20 हजार 998 वोटों से शिकस्त दी. करनैल सिंह को 56869 वोट मिले थे. वहीं, आप नेता को 35 हजार 871 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा.
